Posts

Showing posts with the label Short Story

उस "माँ" को भी मिले - तुझ जैसा सम्मान और प्यार ll Happy Navratri 🙏

Image
  हे, माँ  जानता   हु-  है तुझमे बहुत शक्ति …  शायद इसलिए  तो करते है सब तेरी भक्ति।  तेरा ही एक रूप - है हर एक घर में  "माँ", लेकिन क्यों नहीं पहचान पाते लोग उस सुरत को, शर्म आती है जिनको करने में उनकी सेवा, करते है अपमान लोग उसकी सीरत को…  फिर मन्दिर में वहीं खड़े होते है - हाथ जोड़ तेरी मूरत को ।  विनती है तुझसे , कर तू कुछ ऐसा चमत्कार … उस   "माँ" को भी मिले - तुझ जैसा सम्मान और प्यार।  Happy Navratri 🙏 #DurgaPuja #DurgaPuja2021 #JaiMataDi #DurgaMaa #GodessDurga #Bhakti #Devotional #NavratriPuja #ChaitaNavratri #Navratri2021 #Navratri  

Friendship short story in Hindi - "काश हर एक दोस्त ऐसा होता..."

Image
भारत - विभिन्नताओं का देश, नार्थ ईस्ट पहाड़ो और जंगलो से घिरा खूबसूरत वादियों में ऐसे तो हर सुबह खास होता है लेकिन आज जब आंखे खुली तो कुछ और भी खास था ...शायद इसलिए भी क्यूंकि हिन्दू नव वर्ष का आगमन और वित्तीय नव वर्ष की शुरुवात हो रही थी, हाँ सही समझा आपने ये महीना था अप्रैल,और वर्ष था 2001...लेकिन ये दिन मेरे लिए कुछ और नया लाने वाला था l इस दिन से ठीक दो दिन पहले मैं पहली बार इस खूबसूरत जगह पर आया था, और ये कहानी शुरू होता यही से ...ये सिर्फ कहानी नहीं एक अनमोल बंधन का सफर है, जो युही चलता रहेगा … सूरज की तेज़ किरणें.,हवाएं भी तेज़ था...बारिश का याद नहीं, लेकिन मौसम रंगीन था l किचेन में बैठ कर दीदी से बाते कर रहा था,मेरी मौसी की लड़की मेरे से थोड़ी बड़ी, दीदी कम दोस्त ज्यादा, इनसे भी दो दिन पहले ही मैं पहली बार मिला l उनसे बैठ कर कुछ बाते- कुछ जान पहचान बढ़ रही थी... तभी एक शोर दस्तक के साथ दरवाजे पर आ चुकी थी, दीदी दरवाजे तरफ बढ़ी, और मुझे किसी ने बताया की उनकी दोस्त आई है जो बिलकुल साथ वाले माकन में रहती है l आज पहली बार उस दोस्त से मिला, कभी सोचा नहीं था ये ज़िन्दगी की सबसे अनमोल ...

Hindi Short Story - विश्वसनीय मौत - अविश्वसनीय सफर ll एक एहसास

Image
अपने काम और अपने ऑफिस से 1000 किलोमीटर दूर आज अपने घर पर था इसलिए देर तक सोया था, तभी एक ज़िंदगी ने मुझे आवाज़ लगाई... आमतौर पर घर पर होने पर मैं एक आवाज़ में कभी जगता नहीं हूँl पहले मै अपने बारे में बता दू मेरा नाम बंटी सूर्यराज है और मैं काम के सिलसिले में दिल्ली में रहता हु, लेकिन आज मै अपने गृहनगर आरा बिहार में आया हु इसलिए देर तक सोया था. जैसे ही मैंने ज़िन्दगी की आवाज़ सुनी पता नहीं क्यों लेकिन एक बार में ही आज मेरी नींद खुल गई और मै ज़िंदगी से मिलने के लिए उसके पास पंहुचा, आज उस से बहुत सारी बाते होने लगी जो काफी वक़्त से इतनी बाते कभी नहीं होती थी l मै ज़िन्दगी से बात करते करते ये सोचने लगा वक़्त भी क्या चीज़ है, आज ज़िन्दगी की आवाज़ में इतनी नरमी जो कभी इतनी कठोर हुआ क रती थी की एक आवाज़ सुन कर हम सभी भाग खड़े होते थे और उस वक़्त हमे बहुत गुस्सा आता था लेकिन सच बताऊ तो आज वही कठोर आवाज़ सुनने को बहुत दिल कर रहा था l क्यूंकि ये नरमी वाली आवाज़ उस ज़िंदगी की व्यक्तित्व को जच नहीं रही थी लेकिन सायद ये उम्र का पड़ाव था l बहुत सारी बाते की फिर में भी सभी की तरह अपने काम में व्यस्त हो गया l अगले द...