World Day Against Child Labour .
छोटी सी बात है साहब, मतलब है बहुत बड़ा.... बचपन तो कभी दिखा नहीं, पता ना आये या ना आये जवानी चलो सुनाता हु तुम्हे दो मासूम बच्चे राम और श्याम की कहानी सुना था हर बच्चा भगवान का रूप होता है, लेकिन है बस ये जुबानी समय था बचपन का, सपने थे अनकही, करते थे दोनों नादानी लेकिन कहते है ना हालत और मजबूरी बदल देती है जिंदगानी राम का परिवार है संपन्न तो श्याम है किसी गरीब परिवार की निशानी जहां राम को तीन वक़्त खाने के बाद दूध जबरदस्ती पिलाया जाता वही श्याम की दो वक़्त रोटी की रहती है मजबूरी एक समय आया जब हर सुबह राम के कंधो पर स्कूल बैग होता तो श्याम के कंधो पर जिम्मेदारी उम्र दोनों की थी बराबरी, राम के सपने थे राकेट साइंस की श्याम को थी बस दो वक़्त की रोटी जुटानी श्याम को है बस आपसे इतना कहना, इतनी सी है उसकी बिनती, आइये सुनते है उसकी जुबानी खिलोने से खेलु, है ये मेरा भी अरमान, स्कूल जाऊ मैं, शिक्षा का मुझे भी अधिकार भले मिले एक वक़्त की रोटी, ना करे कोई अपमान, थोड़ी सी सम्मान थोड़ा चाहिए प्यार जोश में करते है सब बह...